शुक्रवार, 1 सितंबर 2017

माँ

सूरज की पहली किरण
यूँ सहला गयी तन
ज्यूँ माँ  ने धीरे से 
कहा, उठो सुबह हो गयी..
एक मीठी सी महक
माँ के आँचल की
फ़ैल गयी फिजा में
मन मचल गया
माँ तेरी याद बरबस
नयन भिगो गयी....


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