सोमवार, 12 अगस्त 2019

ईशान



क्या कहुँ तेरे लिए,
मेरी आँख का तू नूर है
सबसे ज़्यादा तुझ को चाहूँ
दिल का ये क़सूर है
रूठ जाना तेरी फ़ितरत,
तुझको मनाना मेरा शग़ल
तेरी एक छोटी सी हँसी
मेरे दिल का है सक़ून
तू मेरे आँचल का मोती
दिल का कोहिनूर है......(आशा)

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