शुक्रवार, 1 सितंबर 2017

मेरा लाडला ...

जब भी देखूँ मैं तुझको 
तू नन्हा सा ही दिखता है
वो बात अलग तू हुआ बड़ा
मेरी बाहों में अब कहाँ टिकता है
हर वक़्त रहे तू पास मेरे
मुश्किल अब तो बात हुयी
दूर रहे चाहे फिर भी
मन मेरा तुझ में ही अटकता है
तुझ से ही है रौनक़ घर की, 

तुझसे ही हैं ख़ुशियाँ मेरी                         
तू हो उदास अगर कभी
मेरी दुनिया उदास हो जाती है
तू मुसकाए मैं भी हँस दूँ
तू हँसे तो आँगन खिलता है
जीने का तू ही सहारा है
अक्स तू मेरे सपनों का
दुनिया में सबसे न्यारा है
तुझसे रोशन दिन रात मेरे
तू माँ की आँखों का तारा है
मेरा बेटा राजदुलारा है
कुछ भी बोले दुनिया वाले
तू सबसे सुंदर दिखता है

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